
१. प्रस्तावना
लोगों के लिए बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के केश- धोने के उत्पादों का उपयोग करना आम बात है । हमारे द्वारा इन उत्पादों को खरीदने का कारण है कि हम चाहते हैं कि हमारे केश में धूल मिट्टी , त्वचा के कण, पर्यावरण प्रदूषक, तेल आदि जो धीरे-धीरे जमा हो जाते हैं, वे निकल जाएं (दूर हो जाएं) ताकि केश अच्छे, स्वच्छ और स्वस्थ दिखाई दें । यद्यपि, हमें बाहरी रूप से स्वच्छ करने में सहायता करने के अतिरिक्त, क्या शैंपू जैसे/समान केश स्वच्छ करने वाले उत्पाद हमें आध्यात्मिक स्तर पर प्रभावित करते हैं ? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए, एस.एस.आर.एफ. ने अनेक प्रकार के केश स्वच्छ करने वाले उत्पादों के आध्यात्मिक प्रभाव पर शोध किया है । हमने बाजार में मिलने वाले एक शैम्पू की तुलना एक आयुर्वेदिक चूर्ण से की , जिसे शिकाकाई कहते हैं । आयुर्वेदिक चूर्ण पर हुए आध्यात्मिक शोध के परिणाम शीघ्र ही प्रकाशित किए जाएंगे ।
२ . हमारी दिनचर्या पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण
सात्विक जीवन शैली कैसे अपनाएं, हमारे इस लेख में, हमने समझाया है कि अपने दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को आध्यात्मिक कैसे बना सकते हैं । सात्विक जीवन जीने का मूल सिद्धांत उन परंपराओं/प्रथाओं और कृत्यों का अभ्यास/ और पालन करना है जो आध्यात्मिक रूप से शुद्ध(सात्विक) स्पंदनों को उत्सर्जित तथा आकर्षित करते हैं ।
हमारे स्वच्छता के प्रयास हमारी दैनिक दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण भाग है। अन्य कुछ लेखों में हमने स्नान करने के विभिन्न तरीकों के आध्यात्मिक प्रभाव के साथ-साथ स्नान करते समय गौमूत्र का उपयोग करने से होने वाले आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया है।
अपनी दैनिक स्वच्छता की दिनचर्या का पालन करते हुए ,हमारे सामने चयन हेतु, विशेषतः हमारे द्वारा उपयोग किए जाने वाले कांतिवर्धक/कॉस्मेटिक उत्पादों के सम्बन्ध में, अनेक विकल्प रहते हैं। उदाहरण के लिए,क्या पशुओं पर परीक्षण किए गए कांतिवर्धक उत्पादों का उपयोग करना नैतिक है? क्या कांतिवर्धक उत्पादों में प्रयुक्त सामग्री सुरक्षित होती है ? आज हम बालों की सफाई/स्वच्छता करने वाले उत्पादों का चयन इस आधार पर भी कर सकते हैं कि हमें चमकदार, घुंघराले, हाइड्रेटेड, “डैंड्रफ-मुक्त” अथवा अन्य प्रकार के कैसे बाल चाहिए । उन्नत छठी इंद्रिय के माध्यम से, हमने यह पता लगाने के लिए केश की स्वच्छता करने वाले कई उत्पादों का विश्लेषण किया कि इनमें से किस प्रकार के सूक्ष्म-स्पंदन उत्सर्जित होते हैं । यह अध्ययन हमें यह निर्णय करने में सहायता कर सकता है कि केश स्वच्छता करने वाला कौन से प्रकार का उत्पाद आध्यात्मिक स्तर पर हमें सबसे अधिक लाभान्वित करेगा ।
हर दिन साफ सफाई की अपनी दिनचर्या का पालन करते हुए हम जो त्वचा संबंधी कॉस्मेटिक्स प्रयोग करते हैं, उसमें हमें उत्पाद चुनने के लिए अनेकों विकल्प रहते हैं। जैसे – क्या जानवरों पर टेस्ट किए गए उत्पाद प्रयोग करना नैतिकता है? क्या इन उत्पादों में प्रयुक्त सामग्री सुरक्षित है? हमारे पास उत्पाद चुनने के लिए और भी कारण हैं जैसे हमें – चमकदार, घुंगराले, हाइड्रेटेड, ‘डैन्ड्रफ-मुक्त’ अथवा अलग प्रकार के बाल चाहिए।
३. बाजार में मिलने वाले शैम्पू के प्रभाव पर आध्यात्मिक शोध
बाजार में मिलने वाले शैम्पू पर हमारा अध्ययन, अड्वान्स छठवीं इंद्रिय की क्षमता वाली साधिका सुश्री प्रियंका लोटलीकर ( श्रीमती प्रियंका गडगील) द्वारा बनाया गया सूक्ष्म-ज्ञान पर आधारित एक चित्र था । इसे परम पूज्य डॉ. आठवलेजी द्वारा सत्यापित और प्रमाणित किया गया है । सूक्ष्म ज्ञान पर आधारित नीचे दिए गए चित्र में हम केश/ धोने वाले शैम्पू से प्रक्षेपित और आकर्षित होने वाले सूक्ष्म स्पंदनों को देख सकते हैं ।
बाजार में मिलाने वाले/ शैम्पू पर किये गए आध्यात्मिक शोध से उसके निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते हैं :
- बाजार में मिलने वाले/व्यवसयिक शैम्पू में अल्प मात्रा में शक्ति का घनीकरण होताहै । किन्तु, यह स्थान नकारात्मक शक्ति/ऊर्जा के एक मोटे/स्थूलआवरण से घिरा रहता है।
- बाजार में मिलने वाला शैम्पू काली शक्ति को सक्रिय करता है जिसमें तमोगुण का अनुपात अधिक रहता है। परिणामस्वरुप उसे केश और कपाल द्वारा ग्रहण कर लिया जाता है।
- हमारे केश और कपाल के आसपास काली शक्ति की मात्रा में वृद्धि होने से ,हम अनिष्ट शक्तियों द्वारा किए जानेवाले आक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं । इस प्रकार उच्च स्तर कीअनिष्ट शक्तियां जैसे मान्त्रिक हम पर आक्रमण करने के लिए वहां सहजता से सूक्ष्म यन्त्र स्थापित कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप केश विभिन्न प्रकार से प्रभावितहो जाते हैं जैसे केशों का झडना, पतला अथवा मोटा होना, सूखना अथवा कडक होना आदि । हमने अनिष्ट शक्तियों के आक्रमण से केश झडने के विषय पर एक प्रकरण अध्ययन प्रकाशित किया है ।
- मायावी तरंगों की आवृतियां बाजार में मिलने वाले/ शैम्पू और संबन्धित उत्पादों की ओर अत्यधिक आकर्षित होती हैं । वे उसी प्रकार के स्पंदनों को वातावरण में भी उत्सर्जित करती हैं ।बाजार में मिलने वाले/ उत्पादों द्वारा उत्सर्जित अनेक सुगन्धें इसका एक उदाहरण है। यद्यपि ऐसी सुगन्धें हमारी स्थूल इन्द्रियों को अच्छी लग सकती हैं ,किन्तु आध्यात्मिक स्तर पर वे अशांत करनेवाले स्पंदन उत्सर्जित करती हैं।
४. हमारे शोध के व्यवहारिक निहितार्थ/आशय// हमें क्या करना चाहिए –
बाजार में मिलने वाले / केश उत्पादों पर हमारे शोध के कुछ व्यवहारिक निहितार्थ/आशय नीचे दिए गए हैं
- आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बाजार में मिलने वाले (व्यवसायिक) केश स्वच्छता के उत्पादों अथवा केश सौंदर्य प्रसाधनों को टालना ही उत्तम है।
- एक और रोचक तथ्य यह है की प्राकृतिक हर्बल (जडी बूटी सम्बन्धी) अथवा आयुर्वेदिक शैम्पू , तरल अवस्था में होने पर , नकारात्मक स्पंदनों को कुछ मात्र में आकर्षित करते हैं । इसका कारण यह है कि प्रत्येक तरल शैंपू में आवश्यक रासायनिक घटक होते हैं और वे नकारात्मकता आकर्षित करते हैं ।
- इसके स्थान पर हम एक और वैकल्पिक उत्पाद का उपयोग कर सकते हैं , वह है शिकाकाई (जडी बूटी अकासिया कोनसीना) से निर्मित चूर्ण । इसके समान ही उबटन और आयुर्वेदिक कर्पूर (भीमसेनी कर्पूर) के मिश्रण से निर्मित एक आयुर्वेदिक लेप का भी प्रयोग कर सकते हैं । केशों पर उपचार तथा केश एवं कपाल में सत्त्व गुण की वृद्धि होने के लिए अन्य वैकल्पिक उत्पाद जिनमें आयुर्वेदिक तेल, नारियल का तेल, तिल का तेल, इत्यादि सम्मिलित हैं, का प्रयोग किया जा सकता है।
- केश रंगने के बाजार में मिलने वाले/ उत्पादों में ऐसे रसायनों का मिश्रण होता है जो केशों के प्राकृतिक सौंदर्य को नष्ट कर देते हैं और हमारे चारों ओर काली शक्ति के आवरण में वृद्धि करते हैं । अतः उचित होगा कि हम अपने केशों को रंगने से बचें।
- केश विन्यास की रचना से भी सात्त्विक , राजसिक अथवा तामसिक स्पंदन आकर्षित होते हैं।
इससे उपरोक्त वर्णित प्रभावों में और तीव्रता आ सकती है । हम आगे के लेखों में इस विषयका विस्तृत वर्णन करेंगे ।
५. निष्कर्ष
मानव निर्मित उत्पादों से उत्पन्न सौंदर्य दीर्घकाल तक स्थिर नहीं रहता । ईश्वर द्वारा दिए गए प्राकृतिक सौंदर्य को अनदेखा करने और तम प्रधान उत्पादों का प्रयोग करने से, हमें आध्यात्मिक स्तर पर हानि तो होती ही है और साथ ही हमारे पंचज्ञानेंद्रिय, मन व बुद्धि के साथ हमारी पहचान में भी बदलाव आता है । इसका अर्थ यह है कि हम अपनी पहचान अपने भीतर विद्यमान आत्मा से ना कर, , अपनी स्थूल देह के साथ अधिक करते हैं ।
आध्यात्मिक रूप से लाभप्रद सिद्ध होने वाले सौन्दर्य उत्पादों का चयन करके, हम अपने दैनिक जीवन के सांसारिक कार्यों के माध्यम से भी सकारात्मक ऊर्जा को आत्मसात करने में स्वयं की सहायता करते हैं।
